कांग्रेस सरकार में हिमाचल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ : विनय कुमार

 


शिमला, 23 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिमाचल प्रदेश में भी पेपर लीक हुए हैं। विनय कुमार ने वीरवार को कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं पूर्व भाजपा सरकार के समय हुई थीं और हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तक बेचे गए थे।

विनय कुमार ने कहा कि भाजपा अपनी नाकामियों और विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं और छात्रों में नाराजगी है और भाजपा इस गुस्से का सामना नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के बल पर युवाओं, छात्रों और विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिसंबर 2022 में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनने के तुरंत बाद जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला सामने आया था। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की पहले आयोजित कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आने के बाद फरवरी 2023 में आयोग को भंग कर दिया गया। उनके अनुसार मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।

विनय कुमार ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने 'हिमाचल प्रदेश लोक परीक्षा, अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2025' लागू किया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए 10 वर्ष तक के कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने केंद्र सरकार से भी नीट और सीबीएसई से जुड़े पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। विनय कुमार ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए और आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा