बागी कांग्रेसियों ने जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर से मांगा इस्तीफा
मंडी, 01 जून (हि.स.)। मंडी नगर निगम और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी निराशा और रोष का आलम है। मंडी जो कभी कांग्रेस पार्टी का गढ़ हुआ करता था में कांग्रेस का ग्राफ रसातल पर पहुंचने की कगार पर है। जिसके लिए कांग्रेस नेताओं के परिवारवाद और संगठन की कमजोरी के साथ-साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जिसके चलते कांग्रेस के दो नेताओं आकाश शर्मा व जिला परिषद सदयाणा वार्ड से उम्मीदवार रहे लाभ सिंह ने जिला कांग्रेस की अध्यक्ष चंपा ठाकुर से इस्तीफे की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मंडी जिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने नगर निगम और जिला परिषद के लिए मनमर्जी से उम्मीदवार उतारे, खुद भी चुनाव में उतर गई और पार्टी की बुरी तरह से दुर्गति कर डाली। उन्हें इस पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। इसके लिए लाभ सिंह और आकाश शर्मा ने बकायदा सोमवार को प्रेस वार्ता करके जिला अध्यक्ष का इस्तीफा मांगा।
उन्होंने कहा कि पैराशूटी नेताओं ने मंडी में कांग्रेस की लुटिया डुबो दी है। लाभ सिंह ने कहा कि मंडी में कांग्रेस की हार के लिए कौल सिंह ठाकुर और उनकी बेटी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर पूरी तरह से जिम्मेदार है।
इधर, कांग्रेस के पैनेलिस्ट रहे आकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि गांधी भवन में भाजपा की बी टीम बैटी हुई है, जो कभी भी पार्टी को छोड़ कर जा सकती है। उन्होंने कहा कि मंडी में टिकट आवंटन में कार्यकर्ताओं और कांग्रेस से जुड़े परिवारों की अनदेखी की गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने नाते रिश्तेदारों को चुन-चुनकर टिकट दिए हैं और स्वंय भी जिला परिषद के चुनाव में कूद गई, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। नगर निगम में कांग्रेस का सुपड़ा साफ होने की वजह भी चंपा ठाकुर रही, जिन्होंने जीतने वाले उम्मीदवारों के टिकट काट दिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष का व्यवहार शालीन नहीं है, उन्होंने पार्टी को अपनी जागीर बना रखी है। आकाश और लाभ सिंह ने कहा कि चंपा ठाकुर को स्वयं इस्तीफा देना चाहिए, ऐसा न करने पर पार्टी हाई कमान को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए। क्याेंकि 2027 के विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में पार्टी संगठन कभी भी भाजपा से मुकाबला नहीं कर पाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा