14 साल बाद बड़ा भंगाल पहुंचेगा कोई मुख्यमंत्री, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे सुक्खू

 




शिमला, 27 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को कांगड़ा जिले के दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र बड़ा भंगाल के दौरे पर रहेंगे। हाल के दिनों में आपदा से प्रभावित इस क्षेत्र का जायजा लेने के साथ-साथ मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। पिछले 14 वर्षों में पहली बार प्रदेश का मुख्यमंत्री इस दुर्गम क्षेत्र में पहुंचेगा। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 23 सितंबर 2011 को बड़ा भंगाल का दौरा किया था। करीब 500 लोगों की आबादी वाला बड़ा भंगाल बेहद दुर्गम इलाका है। यहां आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, राजकीय उच्च विद्यालय, राशन डिपो और पटवार खाना जैसे संस्थान तो खुले हैं, लेकिन इनमें कर्मचारियों की कमी है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू शनिवार को बड़ा भंगाल पहुंचने के बाद हेलीपैड से पैदल वन विश्राम गृह तक जाएंगे। इसके बाद वे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नुकसान की स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी भी लेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान स्थानीय लोग सड़क, संचार, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उनके सामने रख सकते हैं।

दोपहर बाद मुख्यमंत्री अपर बड़ा भंगाल गांव में स्थित माइक्रो हाइडल परियोजना का निरीक्षण करेंगे। यहां वे परियोजना की कार्यप्रणाली और क्षेत्र में इसकी उपयोगिता का जायजा लेंगे। इसके बाद वन विश्राम गृह के समीप आयोजित जनसभा में भाग लेकर लोगों को संबोधित करेंगे और जनसमस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री बड़ा भंगाल में ही रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 28 जून को वह हेलीकॉप्टर के माध्यम से गगल होते हुए शिमला लौटेंगे।

दौरे से पहले पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री यह उनका बड़ा भंगाल का पहला दौरा है। उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों में किसी भी मुख्यमंत्री ने इस दुर्गम और पिछड़े क्षेत्र का दौरा नहीं किया है। सुक्खू ने कहा कि उनका उद्देश्य वहां के लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझना और यह जानना है कि क्षेत्र में विकास के कौन-कौन से नए कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को मौके पर जाकर समझना जरूरी है और बड़ा भंगाल की चुनौतियों को भी वहीं जाकर बेहतर तरीके से जाना जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा