मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटें बढ़ाएगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 08 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि मेडिकल कॉलेजों का कामकाज मजबूत हो और मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह बात बुधवार को स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि लोगों को बेहतर इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में आधुनिक सुविधाएं मिलें। इसी दिशा में मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में 57, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 29, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 32, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में 33, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 67 और इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में 96 पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को देखते हुए उनकी सेवानिवृत्ति की आयु अगले तीन वर्षों के लिए 65 वर्ष करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने से किसी भी स्तर पर पदोन्नति प्रभावित नहीं होगी। साथ ही असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार उन्हें नामित कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष नवंबर तक सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सों के रिक्त पद भर दिए जाएंगे और तकनीकी स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराने पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिससे जांच और उपचार सुविधाएं और बेहतर होंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा