मुख्यमंत्री बनने के बाद नहीं खरीदी कोई नई संपत्ति : सुक्खू
शिमला, 29 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी संपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है। उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति से जुड़ी पूरी जानकारी पहले ही चुनावी हलफनामे में सार्वजनिक की जा चुकी है और इसमें कुछ भी छिपा हुआ नहीं है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने बुधवार को शिमला में कहा कि रिपोर्ट के आधार पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सुक्खू ने कहा कि जिस जमीन और मकान की चर्चा की जा रही है, वह उन्होंने राजनीति में आने और मुख्यमंत्री बनने से पहले खरीदी थी। समय के साथ जमीन के बाजार मूल्य में बढ़ोतरी हुई है और उसी के आधार पर संपत्ति की कीमत बढ़ी है।
एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट में देश के 28 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की घोषित संपत्ति का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 31 मुख्यमंत्रियों की कुल घोषित संपत्ति करीब 3660 करोड़ रुपये है। इसमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की संपत्ति सात करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। संपत्ति के आधार पर वह देश के मुख्यमंत्रियों की सूची में 17वें स्थान पर हैं। वहीं, उत्तर भारत के मुख्यमंत्रियों में उनकी घोषित संपत्ति सबसे अधिक बताई गई है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनकी संपत्ति को लेकर अगर किसी को कोई संदेह है तो जांच कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियां हैं और पहले भी उनकी जांच हो चुकी है। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने मेहनत और ईमानदारी से पैसा कमाया है और उनकी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद है।
उन्होंने एडीआर रिपोर्ट में अपनी शैक्षणिक योग्यता की जानकारी को भी अधूरा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में उनकी एमए और एलएलबी की डिग्रियों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिसे ठीक किया जाना चाहिए।
कांग्रेस विधायकों के भाजपा में जाने की अटकलों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई विधायक कांग्रेस छोड़कर जाना चाहता है तो वह जा सकता है। कांग्रेस को ऐसे लोगों की जरूरत है जो पार्टी की विचारधारा के साथ खड़े रहें। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी लालच में पार्टी बदलते हैं, उनकी कांग्रेस में आवश्यकता नहीं है।
शिक्षा मंत्री को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बयान का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि शिक्षा मंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसकी छवि अच्छी हो, जो शिक्षा क्षेत्र की समझ रखता हो और जिसके कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा