राम मंदिर में पूजा के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू का भाजपा पर हमला, बोले- चढ़ावे में गड़बड़ी पैसे नहीं, आस्था की चोरी

 




शिमला, 07 जुलाई (हि.स.)। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ शिमला के राम बाजार स्थित राम मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के दर्शन किए, माथा टेका और कीर्तन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राम के नाम पर चंदे में गड़बड़ी करने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें।

मुख्यमंत्री के साथ मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजेश धर्माणी, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह भी मंदिर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और शिमला शहरी से विधायक हरीश जनारथा भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जब राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर में चंदा एकत्र किया जा रहा था, उस समय वह विधायक थे और उन्होंने भी अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर केंद्र सरकार ने आधे दिन का अवकाश घोषित किया था, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे दिन का सार्वजनिक अवकाश दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों को अपने कामकाज में अपनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाती है और भगवान राम के सच्चे अनुयायी उनके नाम पर राजनीति नहीं करते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के अनुसार भगवान राम के चरणों में धन, गहने और अन्य चढ़ावा अर्पित किया था। उन्होंने कहा कि यदि उस चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो यह केवल पैसों का मामला नहीं है, यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के साथ भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि राम के नाम पर राजनीति करने वालों और चंदे में गड़बड़ी करने वालों को सद्बुद्धि मिले।

एसआईटी जांच के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करता है, लेकिन किसी भी मामले में व्यक्ति की नीयत और भावना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर की प्रक्रिया में उनका भी महत्वपूर्ण योगदान रहा था। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रिमंडल हिंदू संस्कृति में आस्था रखता है और सभी धर्मों का समान सम्मान करता है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह भी भगवान राम की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं और लंबे समय से भगवान राम के बताए सत्य, ईमानदारी और सेवा के मार्ग पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार रामराज्य की भावना के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी नीयत और सोच पर विचार करना चाहिए और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा