मुख्यमंत्री ने 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध परियोजना को अधिग्रहित करने के लिए शपथ पत्र दायर करने के निर्देश दिए
शिमला, 30 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) द्वारा ब्यास नदी पर निर्मित की जा रही 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को प्रदेश सरकार के अधीन लेने के लिए बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को न्यायालय में शपथ पत्र दायर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आज यहां बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश हित में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की लागत की पहली किस्त का भुगतान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी तथा प्रदेश की संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एसजेवीएनएल से लुहरी और सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को भी अपने अधीन लेने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों को इनका अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग जल विद्युत परियोजना अगले वर्ष सितंबर तक तीन टरबाइनों की कमीशनिंग के उपरांत पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से उत्पादित होने वाली बिजली के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के साथ विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पूह से समदो तथा समदो से काजा तक निर्मित की जा रही 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन के कार्य की भी समीक्षा की और इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने रंगरिक में 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना, जिसमें 1 मेगावाट हॉवर (एमडब्ल्यूएच) बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की गई है, की प्रगति की भी समीक्षा की तथा इसे बर्फबारी शुरू होने से पहले कार्यशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के मौसम में भी यह परियोजना सुचारू रूप से कार्यशील रहनी चाहिए ताकि क्षेत्र के लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला