किन्नौर में दुनिया की पहली भू-तापीय ऊर्जा आधारित सेब कोल्ड स्टोरेज इकाई, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया निरीक्षण
शिमला, 14 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को किन्नौर जिले के टापरी में स्थापित दुनिया की पहली भू-तापीय ऊर्जा संचालित सेब कोल्ड स्टोरेज और फल सुखाने की संयुक्त इकाई का निरीक्षण किया। यह आधुनिक सुविधा 1,000 टन क्षमता की है और इसे हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) तथा आइसलैंड की एक कंपनी के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान इस इकाई में कुल 16,963 किलोग्राम फलों का प्रसंस्करण किया जा चुका है। इनमें से 5,105 किलोग्राम फल नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच, जबकि 11,948 किलोग्राम फल जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच प्रसंस्कृत किए गए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह सुविधा स्थानीय बागवानों और लोगों के लिए और अधिक लाभकारी साबित होगी।
उन्होंने कहा कि इस इकाई की खास बात यह है कि इसमें फलों के भंडारण और सुखाने के लिए भू-तापीय ऊष्मा का उपयोग किया जा रहा है। टापरी क्षेत्र गर्म तापीय जलस्रोतों के लिए जाना जाता है और उसी प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग इस परियोजना में किया गया है। पारंपरिक कोल्ड स्टोरेज इकाइयों की तरह यह सुविधा बिजली पर पूरी तरह निर्भर नहीं है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से संचालित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की तकनीक न केवल ऊर्जा की बचत करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मॉडल को भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है, जिससे बागवानी क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला