हिमाचल सचिवालय में 20 करोड़ से बने नए कार्यालय का उद्घाटन, मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- यह जनता का संस्थान
शिमला, 21 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अलर्जली भवन चरण-दो का उद्घाटन किया। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय बनाए गए हैं। अभी भवन में 15 कमरे तैयार हुए हैं, जबकि मंत्रियों के कार्यालय बनाने का काम जारी है। उद्घाटन के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी व्यक्ति का कार्यालय नहीं, प्रदेश की जनता का संस्थान है। यहीं से मुख्यमंत्री जनहित से जुड़े फैसले लेंगे। उन्होंने कहा कि पुराने मुख्यमंत्री कार्यालय में जगह कम होने के कारण लोगों को मिलने में परेशानी होती थी। नए कार्यालय से लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने में सुविधा होगी। पुराने कार्यालय में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर यातायात रोकना पड़ता था, नए भवन से इस समस्या में कमी आएगी।
फिजूलखर्ची के आरोप पर बोले- अगला मुख्यमंत्री भी यहीं बैठेगा
मुख्यमंत्री ने नए भवन को लेकर विपक्ष के फिजूलखर्ची के आरोपों पर कहा कि यह कार्यालय किसी व्यक्ति के लिए नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर जो भी व्यक्ति आएगा, वह इसी कार्यालय में बैठेगा। उन्होंने कहा कि 15-20 साल बाद भाजपा की सरकार आने पर उसका मुख्यमंत्री भी इसी भवन में काम करेगा। सुक्खू ने कहा कि पुराने कार्यालय में जगह कम थी और लोगों की समस्याएं सुनने में भी परेशानी होती थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी किया जाएगा।
किशाऊ समझौते पर जयराम ठाकुर को जवाब, हिमाचल को 1200 से 1500 करोड़ सालाना लाभ का दावा
किशाऊ बांध को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार के समय हुए समझौते में हिमाचल के हित प्रभावित होते, जिसे उनकी सरकार ने स्वीकार नहीं किया। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किशाऊ परियोजना का मुद्दा केंद्र के सामने मजबूती से उठाया और नए समझौते में हिमाचल के हित सुरक्षित किए। उन्होंने दावा किया कि परियोजना करीब पांच साल में तैयार होने के बाद हिमाचल को सालाना 1200 से 1500 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है। 15 सितंबर को हिमाचल समेत छह राज्यों ने 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। परियोजना की अनुमानित लागत 15,624 करोड़ रुपये बताई गई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा