सीटू का एक दिसंबर को दिल्ली मार्च, हिमाचल से हजारों मजदूर जुटाने की तैयारी
शिमला, 13 सितंबर (हि.स.)। श्रमिक संगठन सीटू ने एक दिसंबर को दिल्ली में होने वाले मजदूर प्रतिरोध कार्यक्रम के लिए हिमाचल से हजारों मजदूरों को लामबंद करने का निर्णय लिया है। सीटू का कहना है कि देशभर से कम से कम एक लाख वॉलंटियर्स को दिल्ली में जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी रविवार को सीटू शिमला जिला कमेटी की बैठक के बाद दी गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने की, जबकि महासचिव अमित ने तैयारियों की रूपरेखा रखी। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि विभिन्न राज्यों से मजदूर एक दिसंबर को लाल झंडों के साथ दिल्ली पहुंचेंगे। रामलीला मैदान से संसद और इंडिया गेट की ओर मार्च प्रस्तावित है। उन्होंने इसे मजदूर आंदोलन के संघर्ष के नए चरण की शुरुआत बताया।
सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से बेरोजगारी, महंगाई, असमानता और रोजगार की असुरक्षा बढ़ी है। उनका कहना है कि मजदूरों के संघर्ष से मिले अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं और चार श्रम संहिताओं के जरिए श्रमिकों की स्थिति और असुरक्षित हो रही है। उन्होंने ट्रेड यूनियन गतिविधियों और हड़ताल को अपराध की तरह पेश किए जाने का विरोध किया।
सीटू ने हिमाचल के मजदूरों से 30 नवंबर की रात तक दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। एक दिसंबर को सुबह 10 बजे मार्च शुरू होने की बात कही गई है। दूर-दराज से आने वाले मजदूरों को तीन दिसंबर की शाम से पहले वापसी की योजना नहीं बनाने को कहा गया है।
सीटू की प्रमुख मांगों में चार श्रम संहिताओं की वापसी, 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करना, सभी मजदूरों के लिए 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन और 21 हजार रुपये सार्वभौमिक न्यूनतम पेंशन शामिल हैं। इसके अलावा रिक्त सरकारी पद भरने, ठेका मजदूरों के नियमितीकरण, समान काम के समान वेतन, श्रमिक सुरक्षा और ट्रेड यूनियन अधिकारों की रक्षा तथा जल, जंगल और जमीन पर जनता के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
सीटू ने कहा कि हिमाचल में सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र, उद्योग, निर्माण, परिवहन, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी, आशा, आउटसोर्स, ठेका और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के बीच दिल्ली मार्च के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा