त्रिलोकपुर, चंद्र ग्रहण के चलते 3 मार्च को दिन भर बंद रहेंगे माता बाला सुंदरी के कपाट
नाहन, 28 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ महामाया बाला सुंदरी मंदिर, त्रिलोकपुर में आगामी 3 मार्च मंगलवार को होने वाले चंद्र ग्रहण के कारण श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ग्रहण के सूतक काल और ग्रहण की अवधि को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने फैसला लिया है कि इस दिन मंदिर के कपाट दिन भर के लिए बंद रखे जाएंगे। इस खगोलीय घटना के चलते श्रद्धालु करीब 12 घंटे तक माता के दर्शन या किसी भी प्रकार की पूजा-अर्चना नहीं कर सकेंगे।
मंदिर ट्रस्ट के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रहण के चलते मंदिर के द्वार प्रातः 6:20 बजे से सायं 6:47 बजे तक पूरी तरह बंद रहेंगे। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में पूजा वर्जित होती है, जिसके पालन हेतु यह निर्णय लिया गया है। शाम को ग्रहण समाप्त (मोक्ष) होने के बाद ही मंदिर परिसर को दोबारा खोला जाएगा और श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू होगा।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि शाम को कपाट खुलने के तुरंत बाद दर्शन शुरू नहीं होंगे। ग्रहण काल की समाप्ति के पश्चात पूरे मंदिर परिसर का विधि-विधान से शुद्धिकरण किया जाएगा। इसमें गंगाजल से स्नान, तर्पण और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण होने के बाद ही आम जनता को माता के दरबार में शीश नवाने की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने सभी भक्तों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे 3 मार्च को मंदिर आने से पहले इस समयसारिणी का ध्यान अवश्य रखें। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय के बाद ही मंदिर पहुंचें, ताकि उन्हें लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े और किसी भी प्रकार की असुविधा या निराशा से बचा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर