केंद्र से 366 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी, शहरी और सड़क विकास को मिलेगी रफ्तार : विक्रमादित्य सिंह

 

शिमला, 17 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सड़क और शहरी विकास कार्यों को तेज करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह बात लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से दूरदराज, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हाल ही में उन्होंने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी। इस दौरान हिमाचल से जुड़े विभिन्न विकास प्रस्ताव उनके सामने रखे गए, जिन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रस्ताव केंद्र को भेजे हैं। इनमें से ‘राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना 2025-26’ के तहत 366 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। यह स्वीकृति आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से दी गई है, जिससे प्रदेश में शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इन स्वीकृत परियोजनाओं में शिमला की सब्जी मंडी के पुनर्विकास के लिए 140 करोड़ रुपये शामिल हैं। यहां आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, नगर निगम कार्यालय, होटल, फूड कोर्ट और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा हमीरपुर के पुराने एचआरटीसी बस स्टैंड के पुनर्विकास के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जहां एक आधुनिक सिटी सेंटर बनाया जाएगा। इसमें कन्वेंशन सेंटर, पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन सुविधाएं भी होंगी। धर्मशाला नगर निगम के लिए नेबरहुड इम्प्रूवमेंट प्लान के तहत 20 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिली है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल शहरी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण 2300 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 15 अप्रैल से काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो ठेकेदार काम में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, गुणवत्ता और तय समय सीमा के भीतर विकास कार्य पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा