हिमाचल के सीबीएसई स्कूलों में 308 गणित शिक्षकों की नियुक्ति, पांच साल तक मिलेंगे 30 हजार रुपये प्रतिमाह
शिमला, 11 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की दिशा में शिक्षा विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने सीबीएसई सब-कैडर के तहत 308 गणित शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। इन शिक्षकों को प्रदेश के विभिन्न सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पांच वर्षों के लिए अस्थायी आधार पर नियुक्त किया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार यह नियुक्तियां प्रोफेशनल इंग्लिश एंड मैथमैटिक्स टीचर्स सब-स्कीम के तहत की गई हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए लागू होगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की गणित विषय में समझ और दक्षता को मजबूत करना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है।
नियुक्त शिक्षकों को प्रतिमाह 30 हजार रुपये का फिक्स्ड मानदेय दिया जाएगा। हालांकि यह भुगतान केवल शैक्षणिक सत्र के 10 महीनों के लिए ही किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्तियां नियमित सरकारी पदों के तहत नहीं हैं। ऐसे में चयनित शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे और उन्हें नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सेवा सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा।
आदेशों के अनुसार नियुक्ति की अवधि प्रारंभिक तौर पर पांच वर्ष निर्धारित की गई है। विभागीय आवश्यकता और कार्य प्रदर्शन के आधार पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। शिक्षकों को नियुक्ति के समय एग्रीमेंट या बॉन्ड भरना होगा। इसके अलावा शिक्षा विभाग आवश्यकता पड़ने पर उन्हें किसी भी सरकारी स्कूल में तैनात या स्थानांतरित कर सकेगा।
शिक्षकों को नियमित कक्षाओं के साथ-साथ अतिरिक्त शिक्षण कार्य और रेमेडियल कक्षाएं भी लेनी होंगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में आने वाली कमियों को दूर किया जा सके। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी शिक्षक के कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता या अयोग्यता पाई जाती है तो उसकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। हालांकि उन्हें नियमानुसार यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता (टीए/डीए) मिलेगा। साथ ही हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
नियुक्ति प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों को सरकारी या पंजीकृत चिकित्सक से मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त कर जमा करवाना होगा। इसके साथ सभी मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाण पत्र संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पहले ही की जा चुकी है, लेकिन अंतिम सत्यापन संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा किया जाएगा। यदि सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की कमी, दस्तावेजों में विसंगति या तथ्य छिपाने का मामला सामने आता है तो इसकी सूचना तुरंत शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार नियुक्तियां फिलहाल अस्थायी और प्रोविजनल आधार पर मानी जाएंगी। अभ्यर्थियों के चरित्र और पूर्ववृत्त की जांच पूरी होने के बाद ही नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार द्वारा स्वयं घोषणा में गलत जानकारी दी गई पाई जाती है तो उसकी नियुक्ति तत्काल रद्द की जा सकती है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा