हिमाचल में चिट्टे के खि़लाफ़ अभियान को और तेज़ किया जाएगा: मुख्यमंत्री
शिमला, 09 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे के बीच राज्य सरकार चिट्टे के खिलाफ अभियान को और तेज करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने साफ कहा है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और इसके लिए पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लगातार मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह बात गुरुवार को प्रदेश सचिवालय, शिमला से पुलिस विभाग के 18 अत्याधुनिक एंटी-चिट्टा और पेट्रोल वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद कही।
इन नए वाहनों में 12 एंटी-चिट्टा वाहन, चार एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग वाहन और दो एंबुलेंस शामिल हैं, जिन्हें खास तौर पर गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में तकनीक की भूमिका बेहद अहम है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस को स्मार्ट उपकरण, आधुनिक वाहन, डिजिटल निगरानी व्यवस्था और बेहतर संचार साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि अपराध पर तेजी से काबू पाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये एंटी-चिट्टा वाहन न सिर्फ नशा तस्करी की रोकथाम में मददगार साबित होंगे, बल्कि पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता भी बढ़ाएंगे। आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यकुशलता और आम लोगों तक पहुंच में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक-सक्षम, जवाबदेह और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था तैयार करना है और इसके लिए पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण पर लगातार काम किया जा रहा है।
सुक्खू ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में पुलिस बल को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल पुलिस ने नशे के कई बड़े नेटवर्क तोड़े हैं, करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं और अनेक तस्करों को जेल भेजा गया है। एनडीपीएस एक्ट और पीआईटी-एनडीपीएस जैसे कड़े कानूनों के तहत सरकार ने सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं कीं, बल्कि नशे के पूरे तंत्र पर सीधा और निर्णायक प्रहार किया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के मनोबल और करियर को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में 274 कांस्टेबल, 98 इंस्पेक्टर, 225 सब इंस्पेक्टर और 225 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा अन्य कैडर के 95 कर्मियों और ड्राइवर कैडर के 31 कर्मचारियों को भी पदोन्नत किया गया है। इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ा है और नेतृत्व क्षमता मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस की तकनीकी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि सीसीटीएनएस के तहत हिमाचल प्रदेश ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही आईसीजेएस में भी राज्य अपनी श्रेणी में पहले स्थान पर रहा है। यौन अपराधों की जांच से जुड़ी आईटीएसएसओ प्रणाली में अनुपालना दर 93 प्रतिशत से अधिक रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा