धरोहर से छेड़छाड़ : नगर निगम आयुक्त ने दिए एक महीने में निर्माण को ध्वस्त कर पूर्व स्थिति बहाल करने के आदेश,

 


मंडी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। ऐतिहासिक चौहट्टा बाजार के सदियों पुराने एमरसन भवन में बने कैफे का है मामला

सदियों पुरानी इमारत के नीचे बनाए गए कैफे/रेस्तरां में पुरानी धरोहर के साथ छेड़छाड़ के एक मामले में नगर निगम आयुक्त मंडी ने एक महीने में निर्माण को हटाकर पूर्व स्थिति बहाल करने के आदेश जारी किए हैं। एचआरटीसी में अधिकारी रहे एडवोकेट अनिल सेन ने बीते साल 14 नवंबर को इसे लेकर शिकायत की थी।

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि सौ साल से भी अधिक पुराने मंडी अदालत के एमरसन भवन में ऐतिहासिक चौहट्टा बाजार की ओर से जो कैफे सिराज उपायुक्त कार्यालय द्वारा लीज पर दिया गया है उसके लीज धारकों ने पुरातात्विक धरोहर के साथ छेड़छाड़ करके इसके मूल स्वरूप को हानि पहुंचाई है। इसमें नए सिरे से सीढ़ियां आदि लगाकर इसे नुकसान किया है। लंबी सुनवाई के बाद लगभग साढ़े दस महीने बाद यह फैसला आया है।

नगर निगम आयुक्त डॉ मदन कुमार ने हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्ी प्लानिंग अधिनियम 1977 की धारा 38 के तहत यह निर्णय दिया कि कैफे/रेस्तरां की मालिक अर्चना कपूर एक महीने के अंदर अपने खर्चे पर नए निर्माण को ध्वस्त करके पुराने स्वरूप को उसी तरह से बहाल करे। ऐसा न होने पर अगली कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त ने इसकी प्रति उपायुक्त मंडी को भी भेजी है तथा उपायुक्त कार्यालय के एस्टेट आफिसर जिनके अधीन यह संपति आती है, को भी प्रति भेज कर इन आदेशों को सुनिश्चित करने के लिए कहा है। साथ ही इसकी प्रतियां जल शक्ति विभाग व बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंताओं को भी भेज कर आदेशों के अनुसार जरूरी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा