रिश्वत के आरोपी आयकर अधिकारी के घर सीबीआई की रेड, दस्तावेज कब्जे में लिए

 


शिमला, 30 सितंबर (हि.स.)। सोलन के अर्की क्षेत्र के कारोबारी से पांच लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने के आरोपी आयकर अधिकारी वरुण खारी के शिमला स्थित किराए के मकान में बुधवार को सीबीआई ने छापेमारी की। हीरा नगर स्थित मकान से जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई दस्तावेज कब्जे में लिए और मकान को सील कर दिया।

सीबीआई ने वरुण खारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर कारोबारी लाभचंद से करीब 17.94 लाख रुपये की आयकर देनदारी कम कराने और मामला निपटाने के एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई ने 12 सितंबर को मामला दर्ज किया था।

एफआईआर के बाद आरोपी अधिकारी कई दिनों तक सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। बाद में उन्होंने अदालत से अंतरिम जमानत ली। अदालत के आदेश पर वह मंगलवार को शिमला स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचे और जांच में शामिल हुए। सीबीआई ने उनसे आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों को लेकर पूछताछ की। इसके अगले दिन एजेंसी ने उनके किराए के मकान में छापेमारी की।

शिकायत के अनुसार कारोबारी को सात अगस्त को आयकर विभाग का नोटिस मिला था। इसमें आकलन वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपये और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपये की पेनल्टी का उल्लेख था। कारोबारी ने कंसल्टेंट के माध्यम से आयकर पोर्टल पर आपत्ति दर्ज की। आठ सितंबर को कंसल्टेंट दस्तावेज लेकर शिमला में आयकर अधिकारी से मिला।

आरोप है कि अधिकारी ने पेनल्टी के अलावा करीब 8,97,100 रुपये ब्याज की देनदारी बताई। इससे कुल रकम 17,94,260 रुपये हो गई। शिकायत के मुताबिक देनदारी कम कराने और मामला निपटाने के लिए पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। सीबीआई के अनुसार शुरुआत में चार लाख रुपये मांगे गए थे, जो बातचीत के बाद पांच लाख रुपये हो गए। तीन लाख रुपये पहले और दो लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने की बात सामने आई।

कारोबारी ने रिश्वत देने के बजाय सीबीआई से शिकायत की। शिकायत और उपलब्ध सामग्री के सत्यापन के बाद एजेंसी ने मामला दर्ज किया। सीबीआई अब कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग, आयकर विभाग से जुड़े दस्तावेज और छापेमारी में मिले दस्तावेजों की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा