कूड़ा उठाने वाले कर्मियों की बहाल हो 10 फीसदी वेतन वृद्धि, नगर निगम कर्मियों को मिले ओपीएस : बीएमएस
शिमला, 11 अगस्त (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) हिमाचल प्रदेश ने नगर निगम प्रशासन से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों की बंद की गई 10 फीसदी वार्षिक वेतन वृद्धि को फिर से लागू करने और सभी नगर निगम कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के दायरे में लाने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों के संघर्ष से हासिल सुविधाओं को वापस नहीं लिया जाना चाहिए।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, महामंत्री यशपाल हेटा और नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने मंगलवार को संयुक्त बयान में ये मांगें उठाईं।
बीएमएस ने कहा कि कूड़ा उठाने का काम जोखिम भरा और स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण है। संगठन के अनुसार पिछली सरकार के समय उसके संघर्ष के बाद कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को हर साल 10 फीसदी वेतन वृद्धि का लाभ मिला था। संगठन का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने अब इस वृद्धि को बंद कर दिया है। बीएमएस ने वृद्धि को तत्काल बहाल करने, कर्मचारियों को बकाया एरियर देने और उन्हें जरूरी सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग की है।
संगठन ने नगर निगम में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने की मांग भी उठाई है। बीएमएस का कहना है कि वर्ष 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत रखा गया है और इसमें पेंशन की निश्चित गारंटी नहीं है। संगठन के अनुसार सफाई, कूड़ा उठाने, सीवरेज और जल सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों सहित नगर निगम के सभी कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ मिलना चाहिए।
बीएमएस ने उन सुपरवाइजरों के लिए भी सेवा विस्तार की मांग की है, जो कई वर्षों तक ठेका या संविदा आधार पर काम करने के बाद नियमित हुए। संगठन का कहना है कि ऐसे कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति आयु के बाद सेवा विस्तार दिया जाना चाहिए।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि कर्मचारियों के संघर्ष से हासिल सुविधाओं को वापस नहीं लेने दिया जाएगा। संगठन ने अपनी मांगों को लेकर 'कूड़ा उठाने वाले को 10 फीसदी वृद्धि दो' और 'नगर निगम को ओपीएस दो' का नारा दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा