आउटसोर्स भर्ती कंपनियों का राज खत्म कर कर्मचारियों को सीधे नियुक्त करे सरकार : बीएमएस
शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने प्रदेश सरकार से आउटसोर्स भर्ती कंपनियों की व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को सरकारी विभागों में सीधे नियुक्त करने की मांग उठाई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, महामंत्री यशपाल हेटा, उप महामंत्री देवी दत्त, कोषाध्यक्ष अमीचंद डोगरा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि जब तक प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती कंपनियों का राज खत्म नहीं होगा, तब तक कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं होगा।
बीएमएस ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में सफाई कर्मियों, ड्राइवरों, क्लर्कों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित कई पदों पर कर्मचारियों को ठेकेदारों और निजी कंपनियों के माध्यम से नियुक्त किया जा रहा है। बीएमएस का कहना है कि इन कर्मचारियों को ईएसआई, ईपीएफ, न्यूनतम वेतन और अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। संघ के अनुसार, कंपनियां कमीशन काटकर कर्मचारियों से 8 से 9 हजार रुपये में काम करवा रही हैं, जबकि संबंधित सरकारी पदों का वेतनमान इससे कहीं अधिक है।
बीएमएस ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें आउटसोर्स भर्ती कंपनियों को बंद करना, सभी आउटसोर्स कर्मियों को सरकारी विभागों में सीधे नियुक्त कर नियमित करना, समान काम के लिए समान वेतन लागू करना तथा ठेका प्रथा समाप्त कर सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से करवाना शामिल है।
संघ ने सरकार से मांग की है कि आगामी 15 अगस्त के अवसर पर हिमाचल प्रदेश को आउटसोर्स मुक्त करने की घोषणा की जाए। बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक आउटसोर्स व्यवस्था में कथित तौर पर नेता और कंपनियों की सांठ-गांठ समाप्त नहीं होगी, तब तक गरीब कर्मचारी शोषण का शिकार होता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला