हिमाचल में दृष्टिबाधितों का 1089 दिन से आंदोलन, दिल्ली कूच की तैयारी

 

शिमला, 06 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे दृष्टिबाधित संगठन के आंदोलन को 1089 दिन पूरे हो गए हैं। मंगलवार को संगठन के सदस्यों ने शिमला स्थित सचिवालय के बाहर धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन का कहना है कि करीब तीन साल से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर आंदोलनकारियों ने मंगलवार को ही शिमला से दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया है।

दृष्टिबाधित संगठन के सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि दिव्यांगजन पिछले 1089 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।

राजेश ठाकुर ने कहा कि संगठन ने प्रदेश सरकार को मंगलवार दोपहर तक का समय दिया है। इस दौरान यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता है तो आंदोलनकारी दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर जाकर अपनी मांगें रखी जाएंगी और जरूरत पड़ने पर वहां घेराव भी किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री और दिव्यांगता आयोग के उच्च अधिकारियों के समक्ष भी अपनी समस्याएं रखने की योजना है।

उन्होंने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगों में दिव्यांगजनों के लिए चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती मेला आयोजित करना शामिल है। इसके अलावा दिव्यांगजनों की 1700 रुपये की पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपये करने और प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा बीपीएल में दिव्यांगजनों को बिना शर्त शामिल करने की मांग की जा रही है।

राजेश ठाकुर ने कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों से दिव्यांगजनों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आंदोलनकारियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा