छुट्टी के दिन शिलाई में भर्ती, 800 आवेदकों में से 120 को बुलाने पर बवाल,भाजपा युवा मोर्चा ने मंत्री के खिलाफ खोला मोर्चा
नाहन, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करवा चौथ पर प्रदेशभर में सरकारी अवकाश घोषित किया था। लेकिन इसी दिन शिलाई विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई। अब यह मामला राजनीतिक विवाद बन गया है। भाजपा युवा मोर्चा जिला सिरमौर अध्यक्ष अरुण चौहान ने उद्योग एवं खनन मंत्री हर्षवर्धन चौहान को सीधे निशाने पर लिया है। उन्होंने भर्ती में भाई-भतीजावाद, चहेतों को लाभ पहुंचाने और कथित अवैध खनन के गंभीर आरोप लगाए।
शुक्रवार को नाहन में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने शिलाई में विकास कार्यों को लेकर भी मंत्री से जवाब मांगा।
अरुण चौहान ने दावा किया कि जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर सहित विभिन्न पदों के लिए करीब 800 युवाओं ने आवेदन किया था। लेकिन भर्ती के लिए केवल 120 अभ्यर्थियों को बुलाया गया। उनका आरोप है कि अधिकांश युवाओं को कॉल लेटर तक नहीं मिले। वहीं, कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन पर कॉल करके बुलाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि भर्ती के लिए विशेष मापदंड थे तो उन्हें आवेदन के समय सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? सरकारी अवकाश के दिन भर्ती करवाने की जरूरत क्यों पड़ी? सभी आवेदकों को समान सूचना क्यों नहीं दी गई?
उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को लेकर भी सवाल उठाए। अरुण चौहान के अनुसार 30 से 40 युवा एक ही शिक्षण संस्थान से 90 से 92 प्रतिशत अंक लेकर उत्तीर्ण हुए बताए जा रहे हैं। उन्होंने इसकी भी जांच करवाने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती की मेरिट सूची, अभ्यर्थियों को बुलाने का रिकॉर्ड और चयन के मापदंड सार्वजनिक होने चाहिए।
अरुण चौहान ने भर्ती मामले में आंदोलन की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाए। चयन से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा युवा मोर्चा धरने-प्रदर्शन तेज करेगा। बेरोजगार युवाओं के अधिकारों के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर