वीबी–जी राम जी योजना से हिमाचल के गांवों की बदलेगी तस्वीर : रेखा वर्मा

 


शिमला, 15 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने दावा किया है कि केंद्र सरकार की नई विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) — वीबी–जी राम जी योजना से हिमाचल प्रदेश के गांवों को नया जीवन मिलेगा और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के समग्र और टिकाऊ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

रेखा वर्मा गुरूवार को शिमला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में वीबी–जी राम जी योजना पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ इस योजना को लागू किया है, ताकि रोजगार, आजीविका और विकास को एक-दूसरे से जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि देश में ग्रामीण रोजगार को लेकर पहले भी कई योजनाएं चलाई गईं। 1960–61 के रूरल मैनपावर प्रोग्राम से लेकर 2005 में शुरू हुई मनरेगा तक सरकारों ने प्रयास किए, लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि रोजगार को स्थायी विकास से जोड़ने वाली एक नई व्यवस्था की जरूरत है। इसी सोच के तहत वीबी–जी राम जी अधिनियम, 2025 लाया गया है।

रेखा वर्मा के मुताबिक इस योजना में 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी दी गई है, जो मनरेगा की 100 दिन की व्यवस्था से अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बार रोजगार गांवों के विकास कार्यों से जुड़ा होगा। ग्राम सभा स्तर पर गांव का विकास प्लान तैयार किया जाएगा, जिसे ब्लॉक और जिला स्तर से होते हुए पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसी योजना के तहत काम होंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि वीबी–जी राम जी योजना पूरी तरह तकनीक आधारित है। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल निगरानी, समय-समय पर समीक्षा और समयबद्ध भुगतान जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। यदि तय समय में रोजगार या भुगतान नहीं होता है, तो मुआवजे का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर रेखा वर्मा ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल जैसे हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र और राज्य के बीच फंडिंग का अनुपात 90:10 रखा गया है, जबकि अन्य राज्यों में यह 60:40 है। उनके अनुसार, इससे हिमाचल को सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा।

रेखा वर्मा ने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश में रोजगार सृजन दोगुना हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए पहले की तुलना में अधिक संसाधन उपलब्ध कराए हैं, जिससे परिसंपत्तियों का निर्माण और कार्यों की गुणवत्ता बेहतर हुई है।

उन्होंने बताया कि वीबी–जी राम जी योजना के लिए करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना ग्रामीण आधारभूत ढांचे, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा