1,422 करोड़ की जायका स्वास्थ्य परियोजना के काम में देरी कर रही कांग्रेस सरकार : रणधीर शर्मा
शिमला, 29 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 1,422 करोड़ रुपये की जायका स्वास्थ्य परियोजना के क्रियान्वयन में देरी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा विधायक एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाई है। उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि के इस्तेमाल और निर्माण कार्यों की गति पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
शिमला में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में रणधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 320 अतिरिक्त स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों को मंजूरी दी है। इसके लिए करीब 415 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केंद्र की उपलब्धियों का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र की कई योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) के तहत क्रिटिकल केयर ब्लॉक और ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों के निर्माण की धीमी गति पर भी सवाल उठाए। रणधीर शर्मा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत 521 करोड़ रुपये का समुचित इस्तेमाल भी नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से इन योजनाओं की मौजूदा स्थिति और धनराशि के उपयोग का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
भाजपा विधायक ने ऊना के बल्क ड्रग पार्क में देरी और मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना से पीछे हटने के निर्णय को भी प्रदेश में निवेश तथा रोजगार की संभावनाओं के लिए नुकसानदायक बताया।
प्रेस वार्ता में रणधीर शर्मा ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में कमी के केंद्र सरकार के कदम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर को जारी संशोधित मूल्य सूची के अनुसार 543 में से 397 कैंसर संबंधी दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमतों में कटौती की गई है। उनके अनुसार पाल्बोसिक्लिब 125 एमजी की एक दवा की कीमत 40,421 रुपये से घटकर 2,730 रुपये रह गई है।
उन्होंने आपदा पुनर्निर्माण के लिए पीडीएनए के तहत स्वीकृत करीब 2,006 करोड़ रुपये के कार्यों में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए और पांच-पांच लाख रुपये के कार्यों के आवंटन तथा भुगतान की जांच की मांग की। रणधीर शर्मा ने पंचायतों के अनुदान के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और चेतावनी दी कि स्थानीय निकायों के वित्तीय अधिकारों की अनदेखी होने पर भाजपा आंदोलन करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा