कांग्रेस सरकार में बागवानों की अनदेखी, नहीं मिल रही सब्सिडी व दवाइयां : चेतन बरागटा

 


शिमला, 26 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के नेता चेतन सिंह बरागटा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर बागवानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बागवान उत्पादन में गिरावट, बढ़ती लागत, कृषि सामग्री की कमी और लंबित भुगतानों जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल नई-नई गाइडलाइन जारी कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।

चेतन बरागटा ने शुक्रवार को कहा कि एंटी हेलनेट सब्सिडी का लाभ बागवानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय बागवानों को केवल 20 प्रतिशत अंशदान पर यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बागवानों के लिए सब्सिडी की राशि प्रदेश सरकार को जारी कर चुकी है, लेकिन यह राशि समय पर लाभार्थियों तक नहीं पहुंची। उन्होंने प्रदेश सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि यदि केंद्र से धनराशि प्राप्त हो चुकी है तो उसे अब तक बागवानों को क्यों नहीं दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के पीपी सेंटरों में फफूंदनाशक और कीटनाशक जैसी आवश्यक दवाइयों की कमी बनी हुई है। इसके अलावा एचपीएमसी भी खाद, स्प्रे ऑयल और अन्य जरूरी कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध करवाने में विफल रहा है। बरागटा ने कहा कि स्थिति इतनी खराब रही कि पहली बार बागवानों को कृषि सामग्री लेने के लिए रात दो बजे से कतारों में खड़ा होना पड़ा।

भाजपा नेता ने कहा कि एमआईएस के तहत खरीदी गई सेब बोरियों का भुगतान भी अब तक लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हजारों सेब की बोरियां सड़कों पर सड़ गईं, जिससे बागवानों के साथ-साथ एचपीएमसी को भी नुकसान उठाना पड़ा।

एफटीए के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए चेतन बरागटा ने कहा कि केंद्र सरकार को घेरने से पहले प्रदेश सरकार को अपनी जिम्मेदारियों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बागवानों को समय पर सब्सिडी और भुगतान उपलब्ध कराना तथा कृषि सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार का दायित्व है और सरकार इन जिम्मेदारियों को निभाने में असफल रही है।

उन्होंने कहा कि यदि एफटीए के तहत विदेशों से सेब भारत में आता भी है तो केंद्र सरकार देश के किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह वास्तव में बागवानों के हितों के लिए काम कर रही है या केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।

चेतन बरागटा ने मांग की कि एमआईएस के लंबित भुगतान तुरंत जारी किए जाएं, कृषि सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, एंटी हेलनेट सब्सिडी को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और बागवानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस, पारदर्शी तथा व्यावहारिक नीति बनाई जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा