हिमाचल में ‘बेटी है अनमोल’ योजना ठप, तीन साल से छात्राओं को नहीं मिली मदद : भाजपा

 


शिमला, 30 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में ‘बेटी है अनमोल’ योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन वर्षों से इस योजना के तहत छात्राओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद पड़ी है, जिससे गरीब परिवारों की बेटियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

तोमर ने वीरवार को एक बयान में कहा कि यह योजना खास तौर पर बीपीएल परिवारों की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन मौजूदा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसका लाभ समय पर नहीं मिल रहा। उनके मुताबिक, प्रदेशभर में हजारों छात्राएं इस योजना की लाभार्थी हैं, लेकिन बड़ी संख्या को लंबे समय से कोई सहायता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि तीन-तीन साल तक छात्रवृत्ति न मिलना गंभीर मामला है और इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकार बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है या नहीं। उनका कहना है कि जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उनके लिए 500 से 5000 रुपये तक की यह मदद भी काफी मायने रखती है, और इसमें देरी का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ता है।

भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह योजनाओं के नाम बदलकर और नई घोषणाएं करके अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने ‘इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि नई योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर लाभार्थियों तक समय पर पैसा नहीं पहुंच रहा है।

तोमर ने यह भी कहा कि विभागों की ओर से बजट की मांग भेजे जाने के बावजूद स्वीकृति नहीं मिल रही, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ छात्रवृत्ति जैसी अहम मदद भी समय पर नहीं दी जा रही।

हालांकि, इस मामले पर कांग्रेस सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भाजपा ने मांग की है कि लंबित छात्रवृत्ति को जल्द जारी किया जाए और योजना को सही तरीके से लागू किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा