डिपुओं में सरसों का तेल नहीं मिलना सरकार की नाकामी: भाजपा
शिमला, 15 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने रामपुर डिपो सहित प्रदेश के कई सरकारी डिपुओं में सरसों का तेल उपलब्ध न होने पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डिपुओं में सरसों का तेल न मिलना सुक्खू सरकार की कमजोर आपूर्ति व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का साफ संकेत है।
संदीपनी भारद्वाज ने गुरुवार को कहा कि सरकार एक तरफ महंगाई पर नियंत्रण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ हालात यह हैं कि उचित मूल्य की दुकानों में आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत की चीजें तक नहीं मिल पा रही हैं। सरसों का तेल जैसी जरूरी वस्तु का सरकारी डिपुओं से गायब होना यह दिखाता है कि सरकार को आम जनता की परेशानियों से कोई खास सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में राशन की कमी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देती है। खासकर गरीब, मध्यम वर्ग और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों को मजबूरी में बाजार से महंगे दामों पर सरसों का तेल खरीदना पड़ रहा है। इससे पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की नीयत और नीति, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को संभालने में सरकार पूरी तरह असफल रही है। न तो समय पर आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है और न ही जनता को यह बताया जा रहा है कि डिपुओं में सामान कब तक पहुंचेगा। इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
संदीपनी भारद्वाज ने राज्य सरकार से मांग की कि सरकारी डिपुओं में सरसों के तेल सहित सभी आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए। साथ ही इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने कहा कि भाजपा आम जनता के हक की इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा