चार साल बाद भी किसानों से की गई गारंटियां अधूरी, सरकार हिसाब दे : संदीपनी भारद्वाज

 


शिमला, 02 नवंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर किसानों, बागवानों और पशुपालकों से वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों के लिए कई गारंटियां दी थीं, लेकिन चार साल बीतने को हैं और सरकार इनका हिसाब नहीं दे रही है।

भारद्वाज ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कांग्रेस ने बागवानों को फलों का मूल्य स्वयं तय करने का अधिकार देने, पशुपालकों से प्रतिदिन 10 लीटर दूध खरीदने और गोबर दो रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने का वादा किया था। सरकार बताए कि कितने बागवानों को अपनी फसल का मूल्य तय करने का अधिकार मिला, कितने पशुपालकों से दूध खरीदा जा रहा है और गोबर खरीद योजना के तहत कितने किसानों को भुगतान हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों को सीधे आर्थिक सहायता दे रही है। 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत हिमाचल के करीब 11 लाख किसानों के खातों में 220 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। प्रत्येक पात्र किसान को दो हजार रुपये मिले। योजना के तहत किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। भारद्वाज के अनुसार हिमाचल के किसानों को अब तक 24 किस्तों में करीब 5,230 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने जुलाई 2023 में राज्यसभा में दिए गए केंद्र सरकार के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि उस समय हिमाचल में 1,43,952 किसानों की ई-केवाईसी लंबित थी। सरकार बताए कि इनमें से कितने किसानों की ई-केवाईसी पूरी हुई और वर्तमान में कितने पात्र किसानों की किस्त रुकी हुई है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से सभी पंचायतों में विशेष ई-केवाईसी शिविर लगाने और कृषि, राजस्व विभाग, बैंकों तथा कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से किसानों की दस्तावेजी समस्याएं दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार सभी 12 जिलों में लंबित मामलों का ताजा आंकड़ा सार्वजनिक करे और कृषि व पशुपालन से जुड़ी चुनावी गारंटियों पर खर्च तथा लाभार्थियों का ब्योरा दे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा