बढ़े हुए एंट्री टैक्स पर भाजपा का विरोध, विधानसभा परिसर में प्रदर्शन

 




शिमला, 31 मार्च (हि.स.)। एंट्री टैक्स के मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। बढ़े हुए एंट्री टैक्स को लेकर प्रदेश में विपक्षी दल भाजपा ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और सुक्खू सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। इस बीच पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर भी इस मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बनने की बात कही जा रही है।

शिमला में विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता विपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार ने बिना पर्याप्त विचार किए एंट्री टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया है, जिसका असर प्रदेश के लोगों और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों पर पड़ रहा है।

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंट्री टैक्स बढ़ाए जाने के बाद हिमाचल और पंजाब के लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के वाहन चालकों के कुछ संगठनों ने रात से सीमाओं पर चक्का जाम की चेतावनी दी है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि यदि स्थिति समय रहते नहीं संभाली गई तो पंजाब से लगने वाले एंट्री प्वाइंट्स पर हिमाचल के वाहनों को रोका जा सकता है। इससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही प्रभावित होने के साथ-साथ व्यापार और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

उन्होंने राज्य सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और समाधान निकालने की मांग की। इसके साथ ही भाजपा ने पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए सेस को भी वापस लेने की मांग दोहराई है और कहा है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

इस बीच जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार की ओर से “प्राइड ऑफ हिल्स” योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को दी गई 3,920 करोड़ की सहायता को राहत भरा कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और ऐसे समय में बिना ब्याज के 50 वर्षों के लिए मिली यह सहायता विकास कार्यों को गति देने में मदद कर सकती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा