पेट्रोल-डीजल सेस और एंट्री टैक्स के विरोध में सड़क पर उतरेगी भाजपा, चार दिन देगी धरना

 


शिमला, 31 मार्च (हि.स.)। पैट्रोल-डीजल पर सेस व एंट्री टैक्स के मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये का सेस और पहले से लागू वैट के कारण आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस फैसले के विरोध में 8 से 11 अप्रैल तक प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन करेगी।

शिमला में जारी बयान में डॉ. बिंदल ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से आम आदमी, व्यापारी, टैक्सी ऑपरेटर, बस मालिक और ट्रक यूनियन जैसे परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोग प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार ईंधन महंगा होने का असर सीधे रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई और बढ़ती है।

उन्होंने एंट्री टैक्स को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि छोटी और बड़ी गाड़ियों पर इसके कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। डॉ. बिंदल का कहना है कि इस फैसले का असर पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक देखने को मिल रहा है, जहां इसके खिलाफ विरोध की आवाजें उठ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे हिमाचल के व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है और उनके रोजगार पर असर पड़ सकता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया सेस और एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी वापस नहीं लेती है, तो भाजपा प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चार दिनों तक धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।

डॉ. बिंदल ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि बिजली के दामों में वृद्धि, स्टांप ड्यूटी में इजाफा, राशन और सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे फैसलों से प्रदेश के अलग-अलग वर्गों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उनके अनुसार इन फैसलों से प्रदेश में असंतोष का माहौल बना है।

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को 3,920 करोड़ की विशेष आर्थिक सहायता दी है, जिससे राज्य को राहत मिली है। उन्होंने दावा किया कि यह सहायता चुनिंदा राज्यों को दी गई है और हिमाचल को इसमें विशेष सहयोग मिला है।

डॉ. बिंदल ने यह भी कहा कि राज्य का बजट पहले घटकर करीब 54 हजार करोड़ तक पहुंच गया था, लेकिन केंद्र से मिली इस सहायता के बाद बजट फिर से लगभग 58 हजार करोड़ के स्तर पर पहुंचा है। उनके अनुसार इस सहायता से प्रदेश के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा