कांग्रेस को संविधान की दुहाई देने का नैतिक अधिकार नहीं, आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला : सुरेश भारद्वाज
शिमला, 24 जून (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाली कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लागू करके किया था। उन्होंने कहा कि यह दिन देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय है।
सुरेश भारद्वाज ने बुधवार को शिमला में कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया गया और विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उस दौर में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया और आम नागरिकों तक को प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करने के बजाय आपातकाल का रास्ता चुना गया। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस, चंद्रशेखर सहित हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को मीसा (मीसा) के तहत गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया।
भारद्वाज ने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान में 39वें और 42वें संशोधन के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की शक्तियों को सीमित करने का प्रयास किया गया। न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हुई और लोकसभा तथा विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाया गया। उन्होंने जबरन नसबंदी अभियान को भी उस कालखंड का काला अध्याय बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ और लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया तथा हजारों कार्यकर्ताओं ने जेल यात्राएं कीं। भाजपा 25 जून को पूरे देश में संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाएगी। शिमला में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल मुख्य वक्ता होंगे, जबकि 27 जून को पालमपुर में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर आपातकाल से जुड़े तथ्यों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी तथा लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला