अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रही कांग्रेस सरकार : भाजपा

 


शिमला, 29 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल और प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने सोमवार को कांग्रेस सरकार के मंत्रियों द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों को निराधार और भ्रामक करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी विफलताओं, आर्थिक बदहाली, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों पर राजनीतिक दबाव डालकर नियमों के विपरीत निर्णय करवाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि कई मामलों में अधिकारियों को ऐसे आदेशों का पालन करने के लिए विवश किया जा रहा है, जो न तो प्रशासनिक दृष्टि से उचित हैं और न ही जनहित में हैं।

राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा ने प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संविधान, कानून और अपने विवेक के अनुसार कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारी सरकार के नहीं, बल्कि संविधान और जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इसलिए सभी निर्णय निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के अनुरूप होने चाहिए।

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर परिषदों, नगर पंचायतों, ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों में जहां भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने की संभावना है, वहां चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं। वहीं, जहां कांग्रेस के पक्ष में स्थिति है, वहां चुनाव प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जा रही है।

उन्होंने जिलाधीशों और उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) से आग्रह किया कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कानून के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनावों की तिथियां शीघ्र घोषित करें। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।

भाजपा नेताओं ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और राजनीतिक दबाव में लिए गए नियम-विरुद्ध फैसले भविष्य में जांच के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपने दायित्वों का निष्पक्ष और ईमानदारी के साथ निर्वहन करने की अपील की।

राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की कार्यशैली से निराश है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, आर्थिक कुप्रबंधन, राजनीतिक प्रतिशोध और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण सरकार का जनाधार कमजोर हुआ है। उनका कहना था कि जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी और प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता तथा विकास की राजनीति को पुनः स्थापित करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला