शिक्षा बोर्ड में बैकडोर भर्ती का आरोप, भाजपा ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

 


शिमला, 18 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक विनोद कुमार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में बैकडोर भर्ती का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सरकार की घेराबंदी की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

विनोद कुमार ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले पांच लाख रोजगार देने और पहले वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बजाय कथित भाई-भतीजावाद और बैकडोर नियुक्तियां देखने को मिल रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में सेवा समिति के माध्यम से चार डाटा एंट्री ऑपरेटर और चार चपरासी के कुल आठ पद भरे गए। उनके अनुसार इन पदों के लिए न तो कोई सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया गया और न ही योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए। उन्होंने दावा किया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया गुपचुप तरीके से पूरी की गई।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सबसे गंभीर बात यह है कि इन सभी आठ पदों पर शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के लोगों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरे हिमाचल प्रदेश में योग्य अभ्यर्थी केवल शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही थे। उन्होंने कहा कि शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के बेरोजगार युवाओं को इस प्रक्रिया में अवसर क्यों नहीं मिला।

विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि यह भर्ती पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है और इससे प्रदेश के शिक्षित युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा बोर्ड प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी की मिलीभगत से नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियां की गई हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा इन आठों नियुक्तियों को रद्द कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दोबारा भर्ती करने की मांग की।

विनोद कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार रोजगार के अवसर पूरे प्रदेश के युवाओं को देने के बजाय उन्हें अपने मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बेरोजगार युवा इस पूरे घटनाक्रम को देख रहा है और इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा