किशाऊ परियोजना में केंद्र ने हिमाचलियों के हितों का रखा पूरा ध्यान : बिक्रम सिंह ठाकुर

 

धर्मशाला, 21 सितंबर (हि.स.)। पूर्व मंत्री एवं जसवां-प्रागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किशाऊ परियोजना आज की चर्चा नहीं है, बल्कि वर्ष 1994 से लंबित एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। दशकों तक विभिन्न राज्यों के बीच सहमति, वित्तीय दायित्व और लाभों के बंटवारे से जुड़े विषयों के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस परियोजना को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित और हिमाचल सहित सभी सहभागी राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने हिमाचलियों के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए राजनीति से ऊपर उठकर काम किया और वर्षों से लंबित गतिरोध को दूर करने की दिशा में ठोस पहल की।

सोमवार को जारी एक प्रेस बयान में बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि किशाऊ परियोजना केवल हिमाचल प्रदेश की नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित छह राज्यों के साझा हितों से जुड़ी राष्ट्रीय परियोजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सभी संबंधित राज्यों को एक मंच पर लाकर संवाद और सहमति का वातावरण तैयार किया। यही कारण है कि दशकों से लंबित परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता अब साफ हुआ है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के हितों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से रखा, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल की चिंताओं और शर्तों को गंभीरता से सुना और प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखते हुए सहमति बनाने की दिशा में काम किया। यह केंद्र की उस कार्यशैली को दर्शाता है जिसमें राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्यों के हितों को प्राथमिकता दी जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया