बीबीएमबी से 20 साल में हिमाचल को मिलेंगे 20 हजार करोड़ रुपये : सुक्खू

 


शिमला, 07 नवंबर (हि.स.)। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट से हिमाचल के पक्ष में आए फैसले को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के अधिकारों की लंबी लड़ाई में ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से अगले 15 से 20 वर्षों में हिमाचल को 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये तक का आर्थिक लाभ हो सकता है। बिजली का बेहतर मूल्य मिलने पर प्रदेश की सालाना आय 500 करोड़ से बढ़कर 1000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

शिमला पहुंचने पर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें कंधों पर उठाकर जश्न मनाया। सुक्खू ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और लगातार किए गए प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के पक्ष में पहले भी निर्णय हो चुका था, लेकिन करीब 15 वर्षों से प्रदेश को उसका लाभ नहीं मिल रहा था। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण मामले के क्रियान्वयन में देरी हुई। सरकार ने इसे प्राथमिकता से नहीं उठाया होता तो इसे सुलझाने में 20 साल और लग सकते थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किशाऊ बांध समझौते से पहले 16 दिसंबर को पत्र भेजकर हरियाणा के सामने शर्त रखी गई थी कि हिमाचल इस समझौते पर तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार बीबीएमबी एरियर मामले में हिमाचल के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार से भी हरियाणा को तैयार करवाने की अपेक्षा की गई थी।

सुक्खू ने कहा कि बीबीएमबी से मिलने वाली 11,973 मिलियन यूनिट बिजली का बेहतर मूल्य हासिल करना सरकार की प्राथमिकता है। छह रुपये प्रति यूनिट की दर से बिक्री पर करीब 500 करोड़ रुपये और औसतन 10 रुपये की दर मिलने पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक सालाना आय हो सकती है। उन्होंने बताया कि हिमाचल तमिलनाडु को 13.50 रुपये, केरल को 14.50 रुपये और राजस्थान को 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अतिरिक्त आय से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और करीब 75 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे पूरे हिमाचल की जीत बताया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा