नशा तस्करी के तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज

 

शिमला, 19 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस की प्रभावी जांच के चलते एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत ने खारिज कर दी हैं। पुलिस के अनुसार मामलों में जुटाए गए ठोस साक्ष्यों और गंभीर जांच के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।

पहला मामला थाना रामपुर का है, जिसमें 24 नवंबर 2025 को 3.110 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी। इस मामले में आरोपी मुकेश ठाकुर निवासी गांव निरसू, डाकघर दत्तनगर, तहसील रामपुर बुशहर (जिला शिमला) और विपिन कुमार निवासी गांव नेरी, डाकघर देवनगर, तहसील रामपुर बुशहर (जिला शिमला) ने जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों की जमानत का तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मजबूती से विरोध किया।

इसके अलावा 25 जनवरी 2026 में धारा 21 और 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी विजय बिहारी उर्फ डेविड निवासी बाबियाल, थाना महेशनगर, अंबाला कैंट (हरियाणा) ने भी जमानत की याचिका दायर की थी। पुलिस ने इस याचिका का भी सशक्त तरीके से प्रतिवाद किया।

मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए विशेष न्यायाधीश-II, किन्नौर डिवीजन, रामपुर बुशहर की अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा