हिमाचल प्रदेश के बड़ा भंगाल में लापता राजस्थान के पांचों ट्रैकर सुरक्षित
शिमला, 08 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के दुर्गम बड़ा भंगाल इलाके में बर्फबारी के बीच लापता हुए राजस्थान के पांचों ट्रैकर सुरक्षित हैं। पांचों पिछले दो दिनों से बड़ा भंगाल में एक स्थानीय निवासी के घर में रुके हुए हैं। मौसम खराब होने के बाद उन्होंने वहीं शरण ली थी। इलाके में मोबाइल और अन्य संचार नेटवर्क की सुविधा नहीं होने के कारण वे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। प्रशासन को स्थानीय लोगों के माध्यम से पांचों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है।
एसडीएम बोले, पांचों सुरक्षित, पैनिक होने की जरूरत नहीं
बैजनाथ के एसडीएम संकल्प गौतम ने पांचों ट्रैकरों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पांचों बड़ा भंगाल में किसी स्थानीय व्यक्ति के घर में ठहरे हुए हैं। उन्होंने दो रातें वहीं बिताई हैं। संचार सुविधा नहीं होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन को उनकी स्थिति का पता चला है। एसडीएम ने कहा कि पांचों को बड़ा भंगाल से सुरक्षित बाहर लाया जाएगा और उन्हें लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है।
पांच अक्टूबर को राजगुंधा से शुरू किया था ट्रैक
पांचों ट्रैकर राजस्थान के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 28 से 35 वर्ष के बीच है। उनकी पहचान अंकुर मालानी, सत्यम साबू, पवन, श्याम आर और तरुण राठी के रूप में हुई है। जानकारी अनुसार पांचों ने कांगड़ा जिले की बीड़-राजगुंधा घाटी से पांच अक्टूबर को ट्रैक शुरू किया था। उनका थमसर जोत पार कर बड़ा भंगाल पहुंचने और वहां से चंबा जिले के भरमौर जाने का कार्यक्रम था। उन्हें सात अक्टूबर को भरमौर पहुंचना था, लेकिन निर्धारित समय तक वहां नहीं पहुंचने पर चिंता बढ़ गई थी। भरमौर में पांचों से मिलने वाली एक महिला ने भी प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी।
थमसर जोत और बड़ा भंगाल में हुई बर्फबारी से बढ़ी थी चिंता
हाल में थमसर जोत और बड़ा भंगाल के आसपास बर्फबारी हुई है। ऊंचाई वाले इस इलाके में मौसम तेजी से बदलता है और इस समय ट्रैकिंग करना जोखिम भरा माना जा रहा है। पहले पांचों से करीब 15 घंटे तक संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई थी और प्रशासन ने उनकी तलाश की प्रक्रिया शुरू की थी। प्रशासन के मुताबिक इलाके में संचार सुविधा सीमित होने से ट्रैक पर गए लोगों से संपर्क करना मुश्किल रहता है। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के बाद अब पांचों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है।
धौलाधार की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा है बड़ा भंगाल
बड़ा भंगाल कांगड़ा जिले के बैजनाथ उपमंडल में धौलाधार की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित बेहद दुर्गम गांव है। यहां सड़क संपर्क नहीं है और नियमित मोबाइल नेटवर्क तथा बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। थमसर जोत को पार करने के बाद कठिन पहाड़ी रास्ते से बड़ा भंगाल पहुंचा जाता है। सर्दियों में भारी हिमपात के कारण गांव का संपर्क और भी कठिन हो जाता है। इस दौरान यहां रहने वाले कई परिवार निचले क्षेत्रों की ओर चले जाते हैं। गांव तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन को हवाई साधनों का सहारा लेना पड़ता है। हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा भंगाल का दौरा कर वहां कई विकास कार्यों का एलान किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा