अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू-कश्मीर में समानता, विकास और राष्ट्रीय एकीकरण को नई दिशा मिली : राज्यपाल कविंद्र गुप्ता
शिमला, 05 अगस्त (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण फैसला था, जिसने एक संविधान, एक कानून और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार के सिद्धांत को मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से जम्मू-कश्मीर में समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय मुख्यधारा के साथ पूर्ण एकीकरण की दिशा में नई शुरुआत हुई।
कविंद्र गुप्ता ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि सरकार के नेतृत्व में ऐसे कदम उठाए गए, जिनसे समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित करने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर के कई समुदाय अपने अधिकारों और संवैधानिक लाभों से पूरी तरह वंचित रहे थे।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों, वाल्मीकि समाज, गोरखा समुदाय और अन्य वंचित वर्गों की लंबे समय से समान अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा की मांग रही थी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद इन समुदायों तक भारतीय संविधान के प्रावधानों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा। उनके अनुसार इससे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर खुले हैं।
कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वह स्वयं जम्मू-कश्मीर से जुड़े रहे हैं और वहां के लोगों की शांति, सम्मान, विकास और समृद्धि की आकांक्षाओं को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद बेहतर प्रशासन, आधारभूत ढांचे के विकास और समावेशी प्रगति की नई संभावनाएं बनी हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और लोगों का धैर्य पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र शासित प्रदेश शांति, विकास और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा। साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जम्मू-कश्मीर के लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा