ओमान के निकट भारतीय नाविक आदित्य शर्मा की मृत्यु मामले में भारत ने जताई कड़ी आपत्ति : अनुराग सिंह ठाकुर
हमीरपुर, 12 जून (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा ओमान के निकट अमरीकी मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के युवा नाविक आदित्य शर्मा के दुखद निधन के मामले को लगातार गंभीरता से उठाने और विदेश मंत्रालय के साथ सतत संपर्क बनाए रखने के परिणामस्वरूप भारत सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है।
गौरतलब है कि अनुराग सिंह ठाकुर ने बीते 11 जून को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर आदित्य शर्मा के निधन के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने की मांग की थी। इसके अतिरिक्त वे लगातार विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे तथा मामले की हर प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखते रहे।
इसी क्रम में आज विदेश मंत्रालय ने भारत में अमेरिकी प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब किया। भारत सरकार की ओर से उन्हें ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को लेकर चल रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। इन घटनाओं के कारण अब तक तीन भारतीय नागरिकों की दुखद और टाली जा सकने वाली मृत्यु हो चुकी है, जिनमें हिमाचल प्रदेश के युवा नाविक आदित्य शर्मा भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष से स्पष्ट रूप से कहा कि भारत इस प्रकार की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से देखता है तथा अमेरिकी प्रशासन तक भारत की गहरी चिंता पहुंचाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि क्षेत्र में संचालित अमेरिकी सैन्य बल भविष्य में नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं, ताकि निर्दोष नागरिकों की जान को किसी प्रकार का खतरा न हो।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आदित्य शर्मा जैसे युवा भारतीय की असमय मृत्यु पूरे प्रदेश और देश के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने प्रथम क्षण से ही विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास तथा संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा है। उनका प्रमुख उद्देश्य शोकाकुल परिवार को न्याय दिलाना, घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना तथा भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अमेरिकी राजनयिक को तलब किया जाना इस बात का प्रमाण है कि देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रश्न पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करता। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मामले में आवश्यक कूटनीतिक एवं मानवीय कदम शीघ्र उठाए जाएंगे और आदित्य शर्मा के परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने पुनः विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास तथा केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर शीघ्र भारत लाने की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि परिवार अपने पुत्र को अंतिम विदाई दे सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा