मंडी जिले के लिए 5440 करोड़ रुपए का वार्षिक ऋण लक्ष्य निर्धारित, वर्ष 2026-27 का एनुअल क्रेडिट प्लान जारी

 


मंडी, 01 अप्रैल (हि.स.)। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने मंडी जिला के लिए वर्ष 2026-27 की जिला ऋण योजना जारी की गई। इस वर्ष के लिए जिला मंडी में विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कुल 5440.45 करोड़ रुपए का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के माध्यम से कृषि, एमएसएमई, स्वरोजगार, उद्योग तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिला की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि जारी योजना के अनुसार प्राथमिकता क्षेत्र के लिए लगभग 4450.14 करोड़ रुपए तथा गैर-प्राथमिकता क्षेत्र के लिए लगभग 990.30 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। प्राथमिकता क्षेत्र में कृषि को सर्वाधिक महत्व दिया गया है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 53.74 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जबकि एमएसएमई क्षेत्र को लगभग 33.78 प्रतिशत तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों को 12.48 प्रतिशत भाग निर्धारित किया गया है। कृषि, स्वरोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा उपायुक्त ने कहा कि वार्षिक ऋण योजना जिले के समग्र आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस योजना के माध्यम से किसानों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, उद्यमियों तथा लघु उद्योगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग संस्थानों की सक्रिय भूमिका से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा। कृषि, बागवानी, पशुपालन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, स्वरोजगार तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। समन्वय से तैयार की गई योजना एलडीएम चंद्र प्रकाश ने बताया कि जिला ऋण योजना का निर्माण जिला प्रशासन, नाबार्ड, विभिन्न बैंकों तथा संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद किया गया है, ताकि जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित किए जा सकें। योजना में विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं तथा विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा