कांग्रेस का बापू प्रेम राजनीतिक दिखावा, गांधी जी का नाम सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल : अनुराग सिंह ठाकुर
शिमला, 02 जनवरी (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का “बापू प्रेम” केवल दिखावा है और उसने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी योजनाएं 1980 के दशक से चल रही हैं, लेकिन कांग्रेस को गांधी जी की याद 2009 के चुनावों के समय आई, जब नरेगा का नाम बदलकर मनरेगा किया गया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘जी-राम-जी’ विधेयक 2025 को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी देने का प्रावधान किया है, जो पहले के 100 दिनों से 25 दिन अधिक है। इससे ग्रामीण आय सुरक्षा मजबूत होगी, खपत बढ़ेगी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ‘जी-राम-जी’ केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि रोजगार और आजीविका मिशन है, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का ब्लूप्रिंट है। यह विधेयक बिखरी हुई व्यवस्थाओं को समाप्त कर लाइसेंसिंग, सुरक्षा अनुमोदन, जवाबदेही और मुआवजे का एक समग्र फ्रेमवर्क प्रदान करता है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि उसके शासनकाल में योजनाओं का केवल नाम बदला गया, जबकि जमीनी स्तर पर लाभ नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बिचौलिए पैसा खा जाते थे और मजदूरों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता था। मोदी सरकार ने जियोटैगिंग, बैंक खातों के जरिए सीधे भुगतान और साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था लागू की। उन्होंने बताया कि कोविड काल में मोदी सरकार ने मनरेगा के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए, जो कांग्रेस कभी सोच भी नहीं सकती थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला