एंबुलेंस का सायरन सुनते ही रास्ता दें, वरना 10 हजार का जुर्माना और जेल तक की नौबत
शिमला, 03 अक्टूबर (हि.स.)। सड़क पर एंबुलेंस का सायरन सुनाई दे और वाहन चालक रास्ता बनाने के बजाय अपनी लेन में ही अड़ा रहे, तो यह सिर्फ ट्रैफिक की परेशानी नहीं है। कुछ सेकंड की ऐसी लापरवाही किसी मरीज के लिए भारी पड़ सकती है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने को लेकर वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने साफ किया है कि एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य अधिकृत आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता देना हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है।
सायरन सुनाई दे तो बाईं ओर होकर बनाएं रास्ता
पुलिस के अनुसार सड़क पर जैसे ही एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन या कोई अन्य अधिकृत आपातकालीन वाहन दिखाई दे या उसका सायरन सुनाई दे, वाहन चालक को सुरक्षित तरीके से सड़क के बाईं ओर होकर उसे रास्ता देना चाहिए। आपातकालीन वाहन का मार्ग किसी भी तरह अवरुद्ध नहीं किया जाना चाहिए और उसे आगे निकलने के लिए पर्याप्त जगह देनी चाहिए। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रास्ता बनाते समय अचानक ब्रेक लगाने या ऐसा कोई कदम उठाने से बचें, जिससे खुद या दूसरे वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो।
रास्ता रोकना अब सिर्फ गलती नहीं, कानून का उल्लंघन
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194E आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने से संबंधित है। इसके तहत आग बुझाने वाले वाहन, एंबुलेंस या राज्य सरकार की ओर से निर्दिष्ट अन्य आपातकालीन वाहन के आने पर वाहन को सड़क के किनारे नहीं करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। 2019 में किए गए संशोधन के बाद इस प्रावधान को मोटर वाहन कानून में शामिल किया गया था। केंद्र सरकार की ओर से भी आपातकालीन वाहनों को निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
पहली बार 10 हजार, दोबारा हुआ तो जेल तक
मौजूदा कानूनी प्रावधान के अनुसार पहली बार धारा 194E का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये की पेनल्टी लग सकती है। दूसरे या बाद के उल्लंघन पर छह महीने तक की सजा, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। यानी एंबुलेंस या दूसरे अधिकृत आपातकालीन वाहन को रास्ता न देना ऐसा मामला है, जिसमें बार-बार नियम तोड़ने पर आर्थिक दंड के साथ जेल की सजा का भी सामना करना पड़ सकता है।
कुछ मिनट की देरी किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है
पुलिस ने वाहन चालकों को याद दिलाया है कि आपातकालीन वाहन अक्सर दुर्घटना, आग, गंभीर बीमारी या दूसरी संकटपूर्ण स्थिति में लोगों तक पहुंच रहे होते हैं। ऐसे समय सड़क पर मिलने वाला हर सेकंड महत्वपूर्ण हो सकता है। एंबुलेंस को रास्ता मिलने से मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलती है, वहीं अग्निशमन वाहन के लिए घटनास्थल तक जल्दी पहुंचना राहत और बचाव कार्य में अहम हो सकता है। ऐसे में सड़क पर थोड़ी सावधानी और समझदारी दिखाकर वाहन चालक आपातकालीन सेवाओं की राह आसान कर सकते हैं।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि आपातकालीन वाहन का सायरन सुनते ही स्थिति को समझें, सुरक्षित तरीके से रास्ता दें और उसके निकलने तक उसका मार्ग अवरुद्ध न करें। सड़क पर कुछ क्षण की समझदारी किसी जरूरतमंद तक मदद पहुंचने में अहम साबित हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा