उद्यमिता और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समन्वय से निखरता है नवाचार: प्रो.लक्ष्मीधर

 




मंडी, 18 सितंबर (हि.स.)। बेहरा

आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा अपने प्रमुख एआई एवं नेतृत्व कॉन्क्लेव एआई एक्सलरेट 4.0 के चौथे संस्करण का आयोजन 19–20 सितंबर को आईआईटी मंडी के कमांद परिसर, किया जाएगा। नेक्स्ट जेनरेशन ढआई लीडरशिप : Beyond the Horizon to Monetizing AI विषय पर आयोजित यह दो दिवसीय कॉन्क्लेव उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं, विषय विशेषज्ञों, पेशेवरों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच पर लाएगा। इसका उद्देश्य संगठनों के सामने तेजी से उभर रहे एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर विचार करना है। व्यवसाय केवल एआई को अपनाने से आगे बढ़कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मापनीय, विस्तार योग्य और टिकाऊ व्यावसायिक मूल्य में कैसे बदल सकते हैं।

एआई एक्सलरेट 4.0 इस विचार पर आधारित है कि बड़े पैमाने पर एआई को अपनाना अपने आप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त की गारंटी नहीं देता। संगठनों को अब एआई के प्रभाव का आकलन उत्पादकता, राजस्व, ग्राहक अनुभव, नवाचार, निर्णय-निर्माण और दीर्घकालिक रणनीतिक विशिष्टता में उसके योगदान के आधार पर करना होगा। इसलिए यह कॉन्क्लेव केवल प्रौद्योगिकी के उपयोग तक सीमित न रहकर एआई-आधारित मूल्य सृजन से जुड़े नेतृत्व, संगठनात्मक और आर्थिक प्रश्नों को केंद्र में रखेगा।

आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता संगठनों के निर्णय लेने और मूल्य सृजित करने के तरीकों को बदल रही है। आईआईटी मंडी में हमारा मानना है कि सार्थक नवाचार तब उभरता है, जब प्रौद्योगिकी का प्रबंधन, उद्यमिता और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से समन्वय होता है। एआई एक्सलरेट 4.0 उद्योग के अनुभव, अकादमिक चिंतन और युवा प्रतिभाओं को एक मंच पर लाता है।

वहीं पर आईआईटी मंडी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट अध्यक्ष प्रो. अंजन के. स्वैन ने कहा कि एआई एक्सलरेट प्रबंधन शिक्षा को उद्योग जगत में हो रहे परिवर्तनों से जोड़ता है। एआई एक्सलरेट 4.0 में हमारा ध्यान एआई को अपनाने से आगे बढ़कर मूल्य सृजन, विस्तार, नेतृत्व और मुद्रीकरण पर है। हम चाहते हैं कि विद्यार्थी भावी प्रबंधकों के रूप में इस विमर्श से जुड़ें और एआई के उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा 19–20 सितंबर को आयोजित किया जाने वाला दो दिवसीय कॉन्क्लेव है। यह कार्यक्रम मुख्य वक्तव्यों, पैनल चर्चाओं, मेंटरिंग, उद्योग-अकादमिक संवाद, केस कॉम्पिटिशन, विद्यार्थी प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ताओं, विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच पर लाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा