हिमाचल में एम्स आयुर्वेद की स्थापना की तैयारी, नादौन में 70 एकड़ जमीन का प्रस्ताव
शिमला, 23 सितंबर (हि.स.)। आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में एम्स आयुर्वेद की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के धनैटा में इसके लिए करीब 70 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। करीब 1 हज़ार करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना में राज्य सरकार ने 300 करोड़ रुपये की अपनी हिस्सेदारी देने की प्रतिबद्धता जताई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एम्स आयुर्वेद की स्थापना के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं और हिमाचल का नाम पांच प्रस्तावित राज्यों में शामिल है। प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव से जुड़ी आवश्यक प्रतिबद्धताएं पूरी कर दी गई हैं और अब निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर होना है।
गोमा बुधवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस का विषय ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष को स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में मजबूत कर रही है। वर्ष 2026-27 के बजट में आयुष क्षेत्र के लिए 379 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 60 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रदेश में करीब 1,241 आयुष संस्थान कार्यरत हैं।
आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद को संस्थागत रूप से विकसित करने के साथ पंचकर्म, योग और अन्य विशिष्ट उपचार पद्धतियों का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में 14 आयुर्वेदिक अस्पतालों में एक वर्षीय पंचकर्म तकनीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें करीब 250 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के प्राकृतिक वातावरण, औषधीय पौधों और पारंपरिक ज्ञान के कारण आयुष आधारित वेलनेस और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं हैं। उन्होंने आयुष उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण पर भी जोर दिया तथा हिमोशधाम जैसी पहल का उल्लेख किया।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर शिमला के रिज मैदान पर 23 से 25 सितंबर तक तीन दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें मर्म चिकित्सा, अग्निकर्म, रक्तमोक्षण एवं जलौका चिकित्सा, नाड़ी और प्रकृति परीक्षण, पंचकर्म, योग, आयुर्वेदिक आहार, जीवनशैली, हिमोशधाम के उत्पाद और औषधीय पौधों को प्रदर्शित किया गया है। आयुष विशेषज्ञों से संवाद का अवसर भी दिया जा रहा है।
आयुष विभाग के सचिव ए. शैनामोल ने बताया कि आयुष ओपीडी में मरीजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 25.30 लाख से बढ़कर 2025-26 में 36.94 लाख हो गई है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी 3.56 लाख से बढ़कर 6.74 लाख हुई है। उन्होंने बताया कि 123 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एनएबीएच मान्यता मिली है। समारोह में हिमोशधाम वेलनेस पैक और आयुष विभाग की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। स्मारिका का विमोचन, विभाग की उपलब्धियों पर डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन और किसानों, नर्सरी संचालकों तथा मान्यता प्राप्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े लोगों का सम्मान भी किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा