प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और जवाबदेही की मांग
मंडी, 25 जुलाई (हि.स.)। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन एआईएलयू मंडी ने दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस बल प्रयोग की निंदा की है। शनिवार को एआईएलयू मंडी की ओर से उपमंडलाधिकारी सदर के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस बल प्रयोग, लाठीचार्ज तथा अन्य घटनाओं को लेकर न्यायिक जांच और जवाबदेही की मांग के संबंध में सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि छात्रों ने कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया था। ऐसे में यदि प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। इन घटनाओं को लेकर विभिन्न आरोप और प्रत्यारोप सामने आए हैं तथा न्यायालयों में भी संबंधित कार्यवाही चल रही है।
एआईएलयू ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त/कार्यरत न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच करवाई जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा बिना पहचान वाले अथवा सादे कपड़ों में कार्रवाई करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर जांच की जाए।
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की विशेष जांच, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज मामलों की समीक्षा एवं उचित मामलों में वापसी और घायल छात्रों को समुचित चिकित्सा सुविधा एवं मुआवजा दिया जाए।
एआईएलयू ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। कानून का शासन, नागरिक स्वतंत्रता तथा मानवाधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला हैं। संगठन ने अपेक्षा व्यक्त की कि सक्षम प्राधिकारी इस मामले में निष्पक्ष एवं कानूनसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा