नाहन में श्रद्धा-आस्था से मनाया जा रहा अहोई अष्टमी का पर्व

 


नाहन, 01 नवंबर (हि.स.)। देश सहित प्रदेश में त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। करवा चौथ के बाद आज अहोई अष्टमी का पर्व पूरी श्रद्धा-भाव से मनाया जा रहा है। सिरमौर में भी इस पर्व को मनाया जाता है और जिला मुख्यालय नाहन के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है।

अहोई अष्टमी का पर्व संतान की समृद्धि के लिए मनाया जाता है और माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि की कामना हेतु उपवास रखती हैं, जिसे शाम को तारे को देखकर खोला जाता है। इसमें विशेष रूप से गन्ने की पूजा की जाती है, जैसे गन्ना बढ़ता है वैसे ही वंश भी बढ़े। इसके अलावा विशेष मिठाई, खिलौने आदि एक पात्र जिसे झकरी कहा जाता है, उसे भरकर पूजा स्थान में रखकर पूजन किया जाता है। साथ ही माता अहोई से परिवार की संपन्नता की कामना की जाती है।

सनातन धर्म मंदिर नाहन के पुजारी पंडित राम लाल शर्मा ने बताया कि अहोई माता से संतान की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है और पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही इस दिन पर चांदी का मनका धागे में डालकर बच्चों को पहनाया जाता है जोकि एक प्राचीन परम्परा है और साथ ही सम्पदा भी इकट्ठी हो जाती है ,शाम को तारे को देखकर अहोई माता की पूजा के बाद यह व्रत खोला जाता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर