एचआरटीसी में अस्थायी चालक भर्ती पर एबीवीपी का विरोध
शिमला, 24 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल के एलान के बीच चालकों की अस्थायी भर्ती को लेकर अब राजनीतिक और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। एचआरटीसी प्रबंधन ने 31 डिपुओं में 656 चालकों की अस्थायी भर्ती निकाली है, जिसके आज साक्षात्कार हो रहे हैं। इन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 1500 रुपये मेहनताना दिया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस भर्ती प्रक्रिया का विरोध करते हुए प्रदेश सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि चुनावों से पहले युवाओं को स्थायी रोजगार और बड़े पैमाने पर नौकरियां देने के वादे किए गए थे, लेकिन अब अस्थायी भर्ती के जरिए उन वादों से पीछे हटने का काम किया जा रहा है।
एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री भवानी ठाकुर ने बुधवार को कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार, बेहतर भविष्य और नौकरी की सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। उनका आरोप है कि सरकार ने युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय अस्थायी भर्तियों की नीति अपनाई है, जिससे बेरोजगार युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
भवानी ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का युवा वर्ग वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है और उसे उम्मीद होती है कि उसे नियमित और सुरक्षित रोजगार मिलेगा। लेकिन एचआरटीसी चालक भर्ती में अस्थायी नियुक्तियों का फैसला युवाओं के हितों के खिलाफ है। उनका कहना है कि इससे युवाओं के भविष्य और रोजगार सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
एबीवीपी ने सरकार से यह भी पूछा है कि जब चुनावों के दौरान स्थायी रोजगार देने की बात कही गई थी तो अब अस्थायी भर्तियों को क्यों लागू किया जा रहा है।
संगठन का कहना है कि चुनावी वादों और मौजूदा नीतियों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। इससे प्रदेश के युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि एचआरटीसी में अस्थायी चालक भर्ती की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और सभी रिक्त पदों को नियमित भर्ती के माध्यम से भरा जाए।
एबीवीपी का कहना है कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार का अवसर मिलना चाहिए।
एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों को नजरअंदाज किया तो परिषद प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा