आपदा प्रबंधन कार्यशाला में सिखाए लोगों के जीवन व संपति सुरक्षा में सहयोग के गुर
मंडी, 20 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम यूएनडीपी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के संयुक्त तत्वावधान में करसोग में विभिन्न पंचायतों के स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हो गई। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील पंचायतों दछैहण, सरनारली, भंथल और लोअर करसोग के स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं के लिए यह सामुदायिक प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता कम्युनिटी फर्स्ट रिस्पॉन्डर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी नागरिक करसोग गौरव महाजन ने की। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में लगभग 56 स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। एसडीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रभावित लोगों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी किसी भी संभावित आपदा अथवा असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान आमजन को नदी-नालों एवं जल स्रोतों के समीप जाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस अवधि में जल स्तर अचानक बढ़ने तथा बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने की संभावना रहती है। एसडीएम ने कहा कि क्षेत्र में बुजुर्गों, बच्चों तथा अन्य संवेदनशील वर्गों का पृथक विवरण तैयार किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में उनके लिए स्वास्थ्य सेवाएं एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाई जा सकें।
उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना होने पर घरेलू गैस व जंगल में लगने वाली आग पर अग्निशमन यंत्रों के उपयोग से समय रहते आग पर काबू पाकर जान माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं को भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में प्रभावित व्यक्तियों के सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार प्रदान करने तथा मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी व्यावहारिक प्रदर्शन आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। एसडीएम ने विभिन्न पंचायतों से भाग लेने वाले सभी स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा