सोलन अस्पताल में पर्ची शुल्क बढ़ाने के सुझाव पर भाजपा ने जताया विरोध
सोलन, 17 अगस्त (हि.स.)। सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच पर्ची काउंटर पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर भाजपा सोलन शहरी मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री एवं सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल के सुझाव पर कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा का आरोप है कि मरीजों को लंबी कतारों से राहत देने के बजाय पर्ची पर 10 रुपये शुल्क लगाने का सुझाव समस्या का समाधान नहीं है।
भाजपा शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि बैठक में मूल मुद्दा यह था कि क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को लंबी कतारों से कैसे राहत दिलाई जाए और उन्हें कम से कम समय में चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्ची काउंटर पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन इसके बजाय पर्ची शुल्क लगाने का सुझाव दिया गया, जो तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि पर्ची पर 10 रुपये शुल्क लगाने से अस्पताल में मरीजों की संख्या कम नहीं होगी, बल्कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। अस्पताल में यदि पर्याप्त पंजीकरण काउंटर, बेहतर व्यवस्था और सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए तो लंबी कतारों की समस्या का समाधान किया जा सकता है।
शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थागत कमियों का बोझ मरीजों पर डालना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े ऐसे निर्णयों पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति द्वारा करीब तीन वर्ष पहले फेको मशीन खरीदने के लिए धनराशि जमा किए जाने के बावजूद आज तक मशीन अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध करवाने में देरी हो रही है, तो मरीजों पर अतिरिक्त पर्ची शुल्क लगाने का औचित्य क्या है।
हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा