हिसार : लुवास में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर संगोष्ठी एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

 


पद्मश्री डॉ. दिगंबर

बेहेरा ने व्याख्यान दिया

हिसार, 28 फरवरी

(हि.स.)। लुवास के अनुसंधान निदेशालय एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संयुक्त

तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर ‘विज्ञान आधारित सुरक्षा: जूनोसिस

से मिलकर मुकाबला’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल ने की। डेरी साइंस कॉलेज के

अधिष्ठाता डॉ. एसबी पाटिल तथा पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज

विशेष रूप से उपस्थित रहे। संगोष्ठी में विभिन्न विशेषज्ञों ने जूनोटिक रोगों पर अपने

व्याख्यान प्रस्तुत किए। रेबीज विषय पर व्याख्यान डॉ. एस. इस्लूर (निदेशक, ओआईई संदर्भ

सीवीए-रेबीज प्रयोगशाला, बेंगलुरु) द्वारा दिया गया। ट्यूबरकुलोसिस पर

व्याख्यान पद्मश्री एवं फुफ्फुस रोग विभाग, फोर्टिस, मोहाली के निदेशक डॉ. दिगंबर बेहेरा

ने प्रस्तुत किया जबकि आईसीएआर-एनआईवीईडीआई, बेंगलुरु के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. एम.

नागलिंगम ने ब्रुसेलोसिस विषय पर व्याख्यान दिया। विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषयों पर

विस्तृत जानकारी साझा करते हुए प्रतिभागियों के साथ संवाद भी किया। इंस्टीट्यूशन इनोवेशन

काउंसिल की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी डॉ. नरेश कक्कड़ ने साझा की।

इस अवसर पर विद्यार्थियों

के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विज्ञान एवं

जूनोटिक रोगों से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में राकेश

कुमार (चतुर्थ वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ऋचा (चतुर्थ वर्ष) द्वितीय

स्थान पर रहीं। तृतीय स्थान खुशी सिहाग को मिला, वहीं सांत्वना पुरस्कार रितु (चतुर्थ

वर्ष) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता का संचालन डॉ. तरुण गुप्ता एवं डॉ. मानसिंह

ने किया, जबकि निर्णायक मंडल में डॉ. दिव्या एवं डॉ. जोशी शामिल रहे। मानव संसाधन एवं

प्रबंध निदेशक डॉ. सोनिया सिंधु ने इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की इंचार्ज के रूप

में सक्रिय सहभागिता निभाई।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर