हिसार : दस साल बाद मान्यता रिव्यू के विरोध में निजी स्कूल संचालक, बहिष्कार का ऐलान
बाड़ो पट्टी में संयुक्त बैठक में लिया फैसला; शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों
में लगाने का भी विरोध
मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
हिसार, 26 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में निजी स्कूलों की 10 वर्ष बाद पुनर्मान्यता
रिव्यू प्रक्रिया को लेकर स्कूल संचालकों का विरोध तेज हो गया है। बाड़ो पट्टी स्थित
बाला जी हाई स्कूल में सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट तथा हरियाणा प्राइवेट स्कूल
एंड चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट की संयुक्त बैठक में स्कूल संचालकों ने सरकार की इस प्रक्रिया
का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। संचालकों ने कहा कि वे 10 वर्ष बाद होने वाली मान्यता
रिव्यू प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
बैठक में वक्ताओं ने शनिवार काे कहा कि निजी स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी
निभा रहे हैं। उनके अनुसार बार-बार की मान्यता संबंधी प्रक्रियाओं से स्कूल संचालकों
पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की
मांग की।
स्कूल संचालकों ने शिक्षकों को जनगणना सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में
लगाने का भी विरोध किया। उनका कहना था कि शिक्षकों का प्राथमिक दायित्व विद्यार्थियों
को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी ड्यूटी लगाए जाने
से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने शिक्षकों को ऐसी ड्यूटी से मुक्त
रखने की मांग की।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की तैयारी
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने 10 वर्ष बाद मान्यता रिव्यू का फैसला
वापस नहीं लिया और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं किया, तो प्रदेश स्तर पर बैठक
बुलाई जाएगी। इसके बाद आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के राज्य प्रधान नरेंद्र सेठी, प्रधान
प्रताप वर्मा, जिला प्रधान सत्यवीर गढ़वाल, राज्य महासचिव अजीत यादव तथा बाला जी हाई
स्कूल के संचालक रविंद्र जांगड़ा मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर