हिसार : चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष के आरोपों की पोल खुली : डॉ. कमल गुप्ता

 


एसआईआर समेत प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए, तथ्यों के आधार पर चर्चा करे

विपक्ष

हिसार, 28 सितंबर (हि.स.)। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा है

कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा आयोग की कार्यप्रणाली

को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सहित प्रमुख निर्णय

तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।

भाजपा कार्यालय में साेमवार काे पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि 26 सितंबर

को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी की

बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में 24 जून 2025 के मूल एसआईआर आदेश तथा विभिन्न

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर की समय-सारणी से जुड़े प्रमुख निर्णयों

को सर्वसम्मति से लिया जाना बताया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से स्थिति

स्पष्ट किए जाने के बाद विपक्ष को भी तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।

कैबिनेट

सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर उठे विवाद पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण

के अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति

पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा मामला था। आयोग ने भी अपने स्पष्टीकरण

में कहा कि पत्र किसी नीतिगत विषय से संबंधित नहीं था।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं

के संबंध में राजनीतिक बयान देते समय सभी दलों को तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने

कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद एसआईआर और आयोग के निर्णयों को लेकर राजनीतिक

आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर